P M ka Full Form: पीएम क्या होता है और इस पद के बारे में पुरी जानकारी।

What doses PM Means? प्राइम मिनिस्टर (PM) या प्रधान मंत्री किसी भी देश का एक बहुत ही खास पद होता है, अलग अलग देशों के संविधान के हिसाब से प्रधान मंत्री और राष्ट्रपति के पास शक्ति भी अलग अलग होती है जैसे अमेरिका में राष्ट्रपति के पास देश में सबसे ज्यादा शक्ति होती है और भारत के संविधान के हिसाब से प्रधान मंत्री के पास. 

यहां शक्ति शब्द को हम कुछ इस तरह समझ सकते हैं की संविधान के हिसाब से देश के जनता और देश के लिए निर्णय लेने और जनता की समस्याओं का समाधान करने की क्षमता साथ ही देश को विकसित बनाना जैसे अधिकार शामिल है. भारत में अमेरिकी संविधान से उलट राष्ट्रपति की जगह प्रधान मंत्री के हाथ अधिक शक्ति होती है और ऐसा होने का कारण है की यह नियम ब्रिटेन के संविधान से लिया गया था.

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P m ka Full Form

PM Full Form | Full Form of PM

आइए सबसे पहले जान लेते हैं की पीएम (PM) ka Full Form क्या होता है? दोस्तों पीएम का फुल फॉर्म "Prime Minister" होता है जिसमें प्राइम (prime) शब्द का अर्थ प्रधान होता है और मिनिस्टर (minister) शब्द का अर्थ मंत्री इस प्रकार से प्राइम मिनिस्टर का हिंदी अर्थ "प्रधान मंत्री" होता है,
PRIME MINISTER

Prime Minister कौन होता है?

प्राइम मिनिस्टर या प्रधान मंत्री भारत देश में संविधान के अनुसार राष्ट्रपति तथा उप राष्ट्रपति के बाद सबसे तीसरा व्यक्ति होता है और जैसा की आप लोगों को शुरू में ही बता दिया गया था की सबसे ज्यादा अधिकार प्रधानमंत्री के पास ही होता है, क्युकी पीएम मंत्री मंडल का प्रधान होता है. 

किसी भी देश में डेवलपमेंट करने के लिए देश के अलग अलग कार्यों को मंत्री मंडल द्वारा अलग अलग मंत्रियों में बांट दिया जाता है, जैसे शिक्षा मंत्री, गृह मंत्री, सेना मंत्री, व्यावसाय मंत्री आदि और इसी मंत्री मंडल का प्रधान होता है प्रधान मंत्री, इस प्रकार प्रधान मंत्री बन जाता है देश का सबसे शक्तिशाली व्यक्ति.

PM की नियुक्ति कैसे की जाती है?

नरेंद्र मोदी (वर्तमान प्रधानमंत्री)

पीएम का कार्य काल 5 वर्षों का होता है और फिलहाल भारत के प्रधान मंत्री श्री दामोदर दास मोदी हैं जो भारतीय जनता पार्टी के वर्तमान अध्यक्ष है. किसी भी नेता के प्रधान मंत्री पद का उम्मीदवार बनने के लिए उसे किसी दल का नेतृत्व करना होता है अर्थात् किसी दल का अध्यक्ष होना पड़ता है ये दल कई सारे दलों का समुंह भी हो सकता है, जैसे NDA और UPA.

निर्दलीय तौर पर भी पीएम पद के लिए उम्मीदवार बन सकते हैं लेकिन उसके लिए उस निर्दलीय नेता के पास कम से कम किसी भी राज्य के 5 सीट होना आवश्यक है. निर्वाचन का इलेक्शन 5 साल में एक बार होता है और इसमें वोटर सीधे प्रधान मंत्री का चुनाव नही करते बल्कि अपने क्षेत्र के सांसद को वोट करते हैं और वे सारे चुने गए सांसद दिल्ली में प्रधान मंत्री को चुनते हैं फिर प्रधान मंत्री मंत्री मंडल का गठन करता है.


भारत के संवैधानिक पद कौन कौन से हैं?

भारत के संवैधानिक शपथ के हिसाब से पद राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति,प्रधान मंत्री, केंद्रीयमंत्री, स्पीकर, गवर्नर, मुख्यमंत्री, हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के जज और चीफ जस्टिस, सांसद, विधेयक और कैग होते हैं.

Government किसे कहते हैं?

सरकार असल में एक निश्चित काल के लिए चुने गए व्यक्तियों का समूह है जो राज्य तथा केंद्र संविधान के अनुसार कार्य करता है, इसके तीन अंग होते हैं व्यवस्थापिका, कार्यपालिका और न्यायपालिका. सरकार के द्वारा राज्य में राज्यशाशन लागू किया जाता है.

President और Prime Minister में कौन बड़ा होता है?

राष्ट्रपति (President)

राष्ट्रपति देश का प्रथम व्यक्ति होता है इसके अलावा एक उप राष्ट्रपति भी होता है, इन दोनो के बाद आता है प्रधान मंत्री संवैधानिक अधिकारों की बात करें तो भारतीय राष्ट्रपति को वही सारे अधिकार प्राप्त हैं जो ब्रिटेन में राजा के पास हैं, राष्ट्रपति राज्य का प्रधान होता है और सेना का भी लेकिन संविधान में किसी भी किस्म के बदलाव के लिए संसद में बिल पास होने के बाद भी राष्ट्रपति के मंजूरी के बिना कुछ नही हो सकता साथ ही आपातकाल की स्थिति में सारी ताकत केवल राष्ट्रपति के पास ही होती है.

प्रधान मंत्री (Prime Minister)

अब आते हैं प्रधान मंत्री की तरफ, यह व्यक्ति कार्य पालिका का प्रधान होता है, इसका कारण भारत में सारे कार्य मंत्री परिषद द्वारा किया जाता है जिसे पीएमओ (PMO) कहते हैं और इस मंत्री परिषद का प्रधान पीएम होता है, भारत का पीएमओ कार्यालय दिल्ली में स्थित है. 

Prime Minister के अधिकार और कार्य :-

  1. प्रधानमंत्री सरकार का मुखिया होता है.
  2. प्रधानमंत्री देश और विदेशों में जाकर भारत का प्रतिनिधित्व करते हैं.
  3. प्रधान मंत्री बनने के लिया सांसद (MP) होना आवश्यक.
  4. प्रधानमंत्री संसद के दोनों सदनों जरूरी पड़ने पर संबोधित कर सकता है.
  5. प्रधानमंत्री जरूरत के हिसाब से जितने चाहे उतने मंत्रियों का चुनाव कर सकता है.
  6. प्रधान मंत्री के पास भारत के राष्ट्रपति से राय साझा करने के बाद लोकसभा या राज्यसभा को भंग करने का अधिकार मिल सकता है.
  7. भारतीय संविधान के अनुच्छेद 356 के तहत प्रधानमंत्री किसी राज्य में राष्ट्रपति शासन की सिफारिश कर सकता है.

क्या Prime Minister पद का दुरुपयोग कर सकता है?

संवैधानिक अधिकारों के कारण कोई प्रधान मंत्री अपने पद का दुरुपयोग करके लोगों की सोच से अधिक बुरा बन सकता हैं अंग्रेजी के शब्द के अनुसार डिक्टेटर बन सकता है, आज के समय इसका सबसे बड़ा एग्जांपल Kim Yung और तय्यब एरडोगन हैं, एरडोगन ने तुर्की के प्रधान मंत्री बनने के बाद अगले 3 साल में ही तुर्की को पूरे एशिया महाद्वीप का सबसे तेज विकासशील देश बना दिया था और हर चीज में वो भारत, नॉर्थ कोरिया और इजराइल से आगे निकल गया था, एरडोगन सरकार की इस अपार सफलता देख सभी दंग थे.

इसी विकाश के कारण आने वाले हर 5 सालाना इलेक्शन में एरडोगन ही प्रधान मंत्री बनते गए लेकिन एक वक्त जब वे उमर बढ़ने की वजह से लोगों के लिए उचित कदम विकास के कार्य करने में विफल हो रहे तो मांग उठी उनको बदलने की लेकिन इतने सालों तक सत्ता में रहने की वजह से उनके अंदर घमंड आ गया अब वे एक डिक्टेटर बन गए और देश की आर्थिक स्थिति काफी बिगड़ गई, इतनी ज्यादा की वहां से लोग देश छोड़ पलायन करने लगे लेकिन लोगों के दिल में अपनी बनाई सहानुभूति की वजह से आज भी सत्ता में है.

उनको संवैधानिक शक्ति की ऐसी आदत लग गई की we जानते थे कि अब वे पीएम नही बन सकते इस वजह से उन्होंने अपने शक्ति के गलत इस्तेमाल से प्रधान मंत्री की सारी ताकत छीनकर राष्ट्रपति को देदी और खुद राष्ट्रपति बन गए देश के सर्वाधिक संवैधानिक शक्ति के साथ राज करने लगे हैं, एरडोगन के सत्ता में टिके रहने का कारण सत्ता के शुरुआती दिनों में किए अच्छे कामों की वजह से मेजोरिटी लोगों के दिलों में बनाई जगह है.

इसलिए मेरा मानना है की हमारे देश में भी किसी भी पीएम को को ज्यादा बार इलेक्शन नही दिया जाय क्युकी बड़े देशों के प्रधान मंत्री के पास बड़ी जिम्मेदारियां होती हैं और ज्यादा सालों तक शासन करने से किसी को भी ऐसी शक्तियों का चस्का लग जाता है फिर वो अपनी सत्ता में रहने के लिए हर कानूनी गैर कानूनी काम करने लगता है, उदाहरण के लिए इन दोनो के बाद सबसे बड़ा उदाहरण रूस के ब्लादिमीर पुतिन हैं जिन्होंने अपने पड़ोसी देश यूक्रेन के साथ बिना देश वासियों और बिना किसी कैबिनेट के मंजूरी के युद्ध चालू कर दिया.

Conclusion

उम्मीद करता हूं दोस्तों आप लोगों को PM Full Form के बारे में पता चल गया होगा मैने अपने तरफ से जितने आसान भाषा में हो सके आप को समझने की कोशिश करी है और प्रधान मंत्री के कार्य अधिकार तथा सरकार के बारे में लगभग सारी जानकारी मिल गई होगी, यदि फिर भी आप लोगों के मन में अब भी पीएम पद से जुड़ा कोई सवाल बाकी रह गया हो तो आप मुझे सीधे कमेंट्स के माध्यम से पूछ सकते हैं मुझे उन सवालों का जवाब देने में खुशी होगी, धन्यवाद।

||जय हिंद||

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